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भारत से संबंध सुधारने संबंधी पाक उच्चायुक्त का ‘खोखला बयान’ (पंजाब केसरी)

इस समय जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव शिखर पर है, भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद ने 23 मार्च को यह आश्चर्यजनक बयान दिया है कि ‘‘भारत सहित दक्षिण एशिया के सभी देशों के साथ पाकिस्तान दोस्ताना और शांतिपूर्ण संबंध चाहता है।’’ ‘‘भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर सहित सभी लंबित मुद्दे बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं जिससे दक्षिण एशिया क्षेत्र शांति, समृद्धि और स्थिरता के युग में प्रवेश करेगा।’’

उच्चायुक्त का उक्त बयान सतही तौर पर जितना अच्छा प्रतीत होता है, वास्तविकता से उतना ही दूर है। इस बात को भला कौन नहीं जानता कि भारत द्वारा पाकिस्तान से संबंध सामान्य करने के प्रयासों को स्वयं पाकिस्तान सरकार और सेना द्वारा ही अपने पाले हुए आतंकवादी गिरोहों की सहायता से तारपीडो किया जा रहा है। पाक समर्थित आतंकवादी गिरोहों द्वारा जम्मू-कश्मीर में ङ्क्षहसक और विध्वंसक गतिविधियां जारी रखने के अलावा पाकिस्तानी सेना द्वारा युद्ध विराम का उल्लंघन करते हुए भारतीय क्षेत्रों में लगातार गोलीबारी जारी है जिसमें जान-माल की भारी हानि हो रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में जहां पाकिस्तानी सेना ने 860 युद्ध विराम उल्लंघन किए वहीं 2018 के पहले तीन महीनों में ही 351 से अधिक युद्ध विराम उल्लंघन किए जा चुके हैं।

पाकिस्तानी आतंकवादी गिरोहों द्वारा जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आतंकवादी बनाया जा रहा है। अभी हाल ही में पुलवामा जिले के त्राल इलाके में 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद युवाओं को प्रलोभन देकर आतंकवादियोंके रूप में भर्ती करने वाले एक गिरोह के नैटवर्क के बारे में पता चला जिसमें पाक समर्थित आतंकी गिरोह जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता पाई गई। लाइन आफ कंट्रोल अवैध रूप से पार करके जाने की बजाय अब तो आतंकवादी युवक हथियारों की ट्रेनिंग लेने नई दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग द्वारा दिए गए वैध वीजा पर वाघा मार्ग से पाकिस्तान जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार हाल ही में हथियारों की ट्रेनिंग के लिए वैध वीजा पर युवाओं के पाकिस्तान जाने के लगभग एक दर्जन मामले सामने आए हैं।

पिछले महीने इस्लामाबाद में ‘बर्मा टाऊन’ के निकट हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेकर लौटे लश्कर के 2 आतंकवादी वाघा-अटारी सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने के तुरंत बाद गिरफ्तार किए गए जिन्हें नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग ने वीजा दिया था। अतीत में भी ऐसे अनेक युवाओं को गिरफ्तार किया गया जिनमें से कुछ एनकाऊंटरों में मारे गए। गृह मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी आई.एस.आई. आतंकवादी गिरोहों के कमांडरों और गुप्तचर एजैंसियों पर पंजाब सहित पूरे देश में आतंकवादी गतिविधियां करने के लिए दबाव डाल रही है। जैसे कि इतना ही काफी नहीं था, अंतर्राष्ट्रीय कायदे-कानूनों और राजनयिकों को प्रदत्त विशेषाधिकारों की उपेक्षा करते हुए पाकिस्तान में तैनात भारतीय राजनयिकों को परेशान करने का सिलसिला भी जारी है।

पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त जी.पार्थसारथी के अनुसार पाकिस्तान में भारतीय राजनयिकों पर बीच बाजार हमले करवाना, उनकी गाड़ी का बिल्कुल नजदीक से पीछा करना, उनके परिवार की महिलाओं और अन्य सदस्यों को डराना, रात को भद्दी गालियों के साथ डराने वाले फोन करना और काल बैल बजा कर परेशान करना आम है। उक्त तथ्यों की पृष्ठभूमि में स्पष्टï है कि भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद द्वारा भारत के साथ पाकिस्तान के दोस्ताना और शांतिपूर्ण संबंधों की बात कहने का तब तक कोई औचित्य नहीं है जब तक पाकिस्तानी शासक भारत के प्रति विद्वेष भावना की अपनी बुनियादी सोच में बदलाव करके अपनी कथनी और करनी को एक समान नहीं करते।—विजय कुमार

सौजन्य – पंजाब केसरी।

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